करियर पाथ्स — यह ज्ञान तुम्हें कहाँ ले जाएगा
शनिवार की सुबह थी। शर्मा सर ने मीरा को छुट्टी दी थी — "तुमने इसे कमाया है," उन्होंने कहा था। मीरा हल्द्वानी बस स्टैंड के पास चाय की दुकान पर बैठी थी, तभी उसे एक जाना-पहचाना चेहरा दिखा। पूजा! बागेश्वर की उसकी स्कूल की सहेली, सफेद चमचमाती शर्ट पहने, हाथ में लेदर हैंडबैग लिए। पूजा दो साल पहले हल्द्वानी आ गई थी। "पूजा! तुम यहाँ क्या कर रही हो?" मीरा उछलकर खड़ी हो गई। पूजा ने उसे कसकर गले लगाया। "मैं अब बैंक में काम करती हूँ — उत्तराखंड ग्रामीण बैंक, रेलवे क्रॉसिंग के पास वाली ब्रांच। चल, चाय पीते हैं। मुझे तुम्हारी नई जॉब के बारे में सब कुछ सुनना है!"

दो सहेलियाँ, दो रास्ते
मीरा और पूजा ने कटिंग चाय और समोसे मँगवाए। वे बागेश्वर में 10वीं बोर्ड तक साथ पढ़ी थीं। दोनों पास हो गई थीं। किसी ने भी कॉलेज नहीं किया — पूजा के परिवार के पास पैसे नहीं थे, और मीरा के पिता चाहते थे कि वो कोई व्यावहारिक हुनर सीखे।
"तो तुम शर्मा सर की CA दफ़्तर में काम करती हो?" पूजा ने पूछा। "वहाँ असलीी करती क्या हो?"
मीरा मुस्कुराई। छह महीने पहले वो इस सवाल का जवाब नहीं दे पाती। अब दे सकती थी।
"मैं बुककीपिंग करती हूँ — शर्मा सर के क्लाइंट्स के सारे ट्रांज़ैक्शंस दर्ज करती हूँ। वाउचर्स बनाती हूँ, लेजर में पोस्ट करती हूँ, ट्रायल बैलेंस तैयार करती हूँ। GST रिटर्न फ़ाइलिंग में भी मदद करती हूँ — GSTR-1 और GSTR-3B। और मैंने ERPLite इस्तेमाल करना भी सीख लिया है, जो एक अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर है।"
पूजा की आँखें चमक उठीं। "यह तो कमाल है, मीरा। तुम तो पक्की अकाउंटेंट लग रही हो।"
"बन रही हूँ," मीरा ने कहा। "पर तुम बताओ। बैंक की जॉब कैसे मिली?"
पूजा ने अपनी चाय हिलाई। "आसान नहीं था। पूरी कहानी सुनाती हूँ। पर पहले — तुम्हें पता है कि जो तुमने सीखा है उससे कितने अलग-अलग करियर्स बन सकते हैं? तुम्हारे पास जितने ऑप्शंस हैं, तुम सोच भी नहीं सकतीं।"
उस बातचीत ने मीरा का अपने भविष्य को देखने का नज़रिया बदल दिया। आओ हम उन सभी करियर पाथ्स पर चलें जो बुककीपिंग और GST सीखने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए खुले हैं।
करियर पाथ 1: GST प्रैक्टिशनर (GSTP)
GST प्रैक्टिशनर क्या होता है?
GST प्रैक्टिशनर वह व्यक्ति होता है जो GST पोर्टल पर ऑफ़िशियली रजिस्टर्ड होता है और दूसरे टैक्सपेयर्स की ओर से GST रिटर्न्स फ़ाइल करने के लिए ऑथराइज़्ड होता है। इसे ऐसे समझो — बहुत से छोटे बिज़नेस ओनर्स के पास न तो टाइम होता है और न ही नॉलेज कि वे अपने GST रिटर्न्स खुद फ़ाइल करें। वे एक GST प्रैक्टिशनर को हायर करते हैं जो उनके लिए यह काम करे।
शर्मा सर खुद एक GST प्रैक्टिशनर हैं। पर GSTP बनने के लिए CA होना ज़रूरी नहीं है।
GSTP कौन बन सकता है?
दो रास्ते हैं:
| रास्ता | ज़रूरत |
|---|---|
| रास्ता 1: शिक्षा | तुम्हारा ग्रेजुएट होना ज़रूरी है (BA, BCom, BSc, या कोई भी डिग्री) या CA / CS / CMA |
| रास्ता 2: अनुभव | तुम 10वीं पास होने चाहिए और GST रिटर्न फ़ाइलिंग या टैक्स अभ्यास में कम से कम 5 साल का अनुभव होना चाहिए |
यह दूसरा रास्ता बहुत इम्पॉर्टेंट है। अगर तुम 10वीं पास हो और CA दफ़्तर में काम कर रहे हो — मीरा की तरह — तो 5 साल के अनुभव के बाद तुम GSTP बन सकते हो। कोई डिग्री नहीं चाहिए।
GSTP के रूप में रजिस्ट्रेशन कैसे करें
- GST पोर्टल पर जाओ: www.gst.gov.in
- "रजिस्टर ऐज़ GST प्रैक्टिशनर" पर क्लिक करो
- अपनी ब्योरा भरो — नाम, पता, आधार, PAN, अनुभव का प्रूफ़
- NACIN (नेशनल एकेडमी ऑफ़ कस्टम्स, इनसीधा टैक्सेज़ एंड नार्कोटिक्स) द्वारा आयोजित GSTP एग्ज़ाम पास करो
- अप्रूव होने पर तुम्हें एक ऑफ़िशियल GSTP एनरोलमेंट नंबर मिलता है
यह एग्ज़ाम तुम्हारी GST लॉ, रिटर्न फ़ाइलिंग, और ITC नियम की नॉलेज टेस्ट करता है। अगर तुमने इस बुक में सब कुछ पढ़ा है, तो एग्ज़ाम में आने वाला ज़्यादातर कंटेंट तुम पहले से जानते हो।
GSTP हर दिन क्या करता है?
- क्लाइंट्स से सेल्स और परचेज़ का डेटा कलेक्ट करता है
- हर महीने या क्वार्टर में GSTR-1 (सेल्स रिटर्न) तैयार करता है और फ़ाइल करता है
- हर महीने GSTR-3B (समरी रिटर्न) तैयार करता है और फ़ाइल करता है
- साल में एक बार GSTR-9 (एनुअल रिटर्न) फ़ाइल करता है
- क्लाइंट्स को इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) क्लेम करने में मदद करता है
- GST डिपार्टमेंट की नोटिसेज़ सँभालता है
- क्लाइंट्स को ड्यू डेट्स और नियम बदलाव के बारे में अपडेट रखता है
कितना कमा सकते हो?
| स्थिति | मासिक कमाई |
|---|---|
| शुरुआत — 5 से 10 क्लाइंट्स | Rs 15,000 — Rs 20,000 |
| स्थापित — 20 से 30 क्लाइंट्स | Rs 25,000 — Rs 35,000 |
| इलाके में नाम हो गया — 40+ क्लाइंट्स | Rs 40,000 — Rs 50,000 या उससे ज़्यादा |
ज़्यादातर GSTP हर क्लाइंट से Rs 500 से Rs 2,000 पर मंथ चार्ज करते हैं, बिज़नेस के साइज़ और ट्रांज़ैक्शंस की संख्या के हिसाब से।
सबसे अच्छी बात
तुम घर से काम कर सकते हो। बस एक कंप्यूटर, इंटरनेट कनेक्शन, और GST पोर्टल लॉगिन चाहिए। उत्तराखंड के छोटे शहरों — अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत — में बहुत से GSTP अपना शहर छोड़े बिना क्लाइंट्स को सर्व करते हैं।

करियर पाथ 2: बुककीपर
बुककीपर क्या करता है?
एक बुककीपर किसी बिज़नेस के डे-टू-डे फ़ाइनेंशियल रिकॉर्ड बनाए रख करता है। यह एग्ज़ैक्टली वही काम है जो मीरा शर्मा सर की दफ़्तर में करती रही है।
रोज़ के काम में शामिल हैं:
- सेल्स और परचेज़ ट्रांज़ैक्शंस दर्ज करना
- वाउचर्स पोस्ट करना — रिसीट, पेमेंट, जर्नल, कॉन्ट्रा
- सभी अकाउंट्स की लेजर बनाए रख करना
- बैंक स्टेटमेंट्स रीकंसाइल करना
- ट्रायल बैलेंस तैयार करना
- अकाउंट्स रिसीवेबल (कौन हमें पैसे देने वाला है) और अकाउंट्स पेएबल (हमें किसे पैसे देने हैं) ट्रैक करना
- इन्वॉइसेज़ फ़ाइल करना और रिकॉर्ड व्यवस्थित्ड रखना
बुककीपर के रूप में काम करने के दो तरीके
विकल्प A: एम्प्लॉइड बुककीपर — तुम एक कंपनी या एक दफ़्तर में काम करते हो। फ़िक्स्ड तनख़्वाह है, फ़िक्स्ड आवर्स हैं, और एक बॉस है। यह स्टेबिलिटी और जॉब पर सीखने के लिए अच्छा है।
विकल्प B: फ़्रीलांस बुककीपर — तुम कई छोटे बिज़नेसेज़ को सर्व करते हो। हर एक तुम्हें मंथली फ़ी देता है। तुम हफ्ते में एक-दो बार उनके पास जाते हो, या वे व्हाट्सऐप पर डेटा भेजते हैं और तुम घर से काम करते हो। इसमें ज़्यादा फ़्रीडम है और ज़्यादा कमाई भी हो सकती है, पर इसमें डिसिप्लिन और सेल्फ़-प्रबंधन चाहिए।
| एम्प्लॉइड बुककीपर | फ़्रीलांस बुककीपर | |
|---|---|---|
| क्लाइंट्स की संख्या | एक कंपनी | 5 से 15 छोटे बिज़नेसेज़ |
| आमदनी | फ़िक्स्ड तनख़्वाह: Rs 10,000 — Rs 20,000/मंथ | वेरिएबल: Rs 12,000 — Rs 25,000/मंथ |
| स्थिरता | ज़्यादा — नियमित तनख़्वाह | मध्यम — क्लाइंट्स बनाए रखने पर निर्भर |
| आज़ादी | कम — फ़िक्स्ड आवर्स, एक दफ़्तर | ज़्यादा — अपने आवर्स और क्लाइंट्स खुद चुनो |
| किसके लिए सबसे अच्छा | शुरुआती लोग जो सीखना चाहते हैं | 1-2 साल के अनुभव वाले लोग |
कोई डिग्री नहीं चाहिए — हुनर मायने रखती हैं
बुककीपिंग की सबसे अच्छी बात यह है। कोई तुम्हारी डिग्री नहीं पूछता। वे पूछते हैं: "क्या तुम वाउचर सही से पोस्ट कर सकते हो? क्या ट्रायल बैलेंस बना सकते हो? GST आता है?" अगर जवाब हाँ है, तो जॉब तुम्हारी है।
"मीरा," पूजा ने कहा, "तुम यह सब पहले से जानती हो। तुम चाहो तो कल से फ़्रीलांसिंग शुरू कर सकती हो।"
"मैं पहले और सीखना चाहती हूँ," मीरा ने कहा। "पर यह जानकर अच्छा लगा कि विकल्प है।"
फ़्रीलांस बुककीपर के रूप में क्लाइंट्स कैसे मिलें
- जिन्हें जानती हो उनसे शुरू करो — लोकल दुकानदार, फ़ैमिली फ़्रेंड्स, बिज़नेस चलाने वाले रिश्तेदार
- एक महीना फ़्री डेमो दो — "मुझे दिखाने दो कि व्यवस्थित्ड बुक्स कैसी दिखती हैं"
- शर्मा सर से रेफ़रल्स माँगो — CA दफ़्तरेज़ के पास अक्सर इतने छोटे क्लाइंट्स होते हैं कि वे सँभालना नहीं कर पाते
- लोकल बिज़नेस व्हाट्सऐप ग्रुप्स ज्वाइन करो और अपनी सेवाएँ पेशकश करो
- लोकल मार्केट, फ़ोटोकॉपी शॉप, या बैंक इलाक़ा में एक छोटा पोस्टर लगाओ

करियर पाथ 3: CA दफ़्तर असिस्टेंट
यह जॉब क्या है?
भारत में हर CA दफ़्तर को असिस्टेंट्स चाहिए। ये वे लोग हैं जो असली डेली काम करते हैं — डेटा एंट्री, वाउचर पोस्टिंग, रिटर्न फ़ाइलिंग, क्लाइंट कोऑर्डिनेशन। शर्मा सर की दफ़्तर में नेगी भैया इसी रोल में हैं। मीरा वही काम सीख रही है।
हर दिन क्या करते हो?
- अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर में वाउचर्स और इन्वॉइसेज़ एंटर करते हो
- ट्रांज़ैक्शंस को सही लेजर अकाउंट्स में पोस्ट करते हो
- कई क्लाइंट्स के लिए GST रिटर्न्स (GSTR-1, GSTR-3B) फ़ाइल करते हो
- TDS रिटर्न्स (फ़ॉर्म 26Q) तैयार करते हो
- ऑडिट के लिए फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तैयार करने में मदद करते हो
- क्लाइंट्स से कोऑर्डिनेट करते हो — डॉक्यूमेंट्स कलेक्ट करना, सवालों के जवाब देना, रिमाइंडर्स भेजना
- फ़ाइल्स बनाए रख करते हो — फ़िज़िकल (कागज़ की फ़ाइल्स) और डिजिटल दोनों
कमाई की संभावना
| लेवल | अनुभव | मासिक तनख़्वाह |
|---|---|---|
| फ़्रेशर / ट्रेनी | 0-1 साल | Rs 8,000 — Rs 12,000 |
| जूनियर अकाउंटेंट | 1-3 साल | Rs 12,000 — Rs 18,000 |
| सीनियर अकाउंटेंट | 3-5 साल | Rs 18,000 — Rs 25,000 |
| दफ़्तर प्रबंधक | 5+ साल | Rs 25,000 — Rs 35,000 |
बढ़त का रास्ता
CA दफ़्तर सीखने के लिए सबसे अच्छी जगहों में से एक है। तुम्हें कई तरह के बिज़नेसेज़, कई तरह की समस्याएँ, और अकाउंटिंग और टैक्स के कई अलग-अलग इलाक़ाज़ देखने को मिलते हैं।
CA दफ़्तर असिस्टेंट से तुम आगे बढ़ सकते हो:
- सीनियर अकाउंटेंट — बड़े क्लाइंट्स सँभालो, जूनियर्स को सुपरवाइज़ करो
- आर्टिकल असिस्टेंट — अगर बाद में CA या CMA करने का तय करो, तो तुम्हारा अनुभव काउंट होता है
- टैक्स कंसल्टेंट — पर्याप्त अनुभव के बाद कुछ लोग अपनी टैक्स अभ्यास शुरू करते हैं
- GST प्रैक्टिशनर — 5 साल के अनुभव के बाद GSTP के रूप में रजिस्टर करो
नेगी भैया 12वीं के बाद सीधे शर्मा सर की दफ़्तर ज्वाइन किए थे। वे अब 25 साल के हैं और Rs 22,000 पर मंथ कमाते हैं। वे 15 क्लाइंट्स इंनिर्भरली सँभालते हैं। दो और साल में उनकी प्लान है GST प्रैक्टिशनर के रूप में रजिस्टर होकर अपनी अभ्यास शुरू करने की।
"यही नेगी भैया की प्लान है," मीरा ने पूजा को बताया। "उन्होंने ठीक वहीं से शुरुआत की जहाँ मैं अभी हूँ।"
करियर पाथ 4: बैंक बैक-दफ़्तर
अब पूजा की कहानी आती है।
"तो बताओ," मीरा ने कहा, "बैंक में कैसे गईं?"
पूजा ने अपना समोसा खत्म किया और हाथ पोंछे। "ठीक है, सुनो। तुम्हें पता है मैंने 10वीं पास की थी, ना? उसके बाद मैंने एक बुनियादी कंप्यूटर कोर्स किया — बस टाइपिंग, MS दफ़्तर, और डेटा एंट्री। फिर मामा जी ने बताया कि उत्तराखंड ग्रामीण बैंक एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के ज़रिए बैक-दफ़्तर स्टाफ़ हायर कर रहा है।"
"बैक-दफ़्तर क्या होता है?" मीरा ने पूछा।
बैंक बैक-दफ़्तर काम क्या है?
बैक-दफ़्तर बैंक का वो हिस्सा है जो ग्राहकों को दिखता नहीं। यह सारा काम काउंटर के पीछे होता है — ट्रांज़ैक्शंस प्रक्रिया करना, रिकॉर्ड बनाए रख करना, रिपोर्ट्स बनाना।
पूजा के डेली काम में शामिल हैं:
- डेटा एंट्री — ग्राहक इन्फ़ॉर्मेशन, लोन ब्योरा, ट्रांज़ैक्शन रिकॉर्ड बैंक के सिस्टम में एंटर करना
- MIS रिपोर्टिंग — MIS का मतलब है प्रबंधन इन्फ़ॉर्मेशन सिस्टम। इसका मतलब है डेली और वीकली रिपोर्ट्स बनाना — कितने लोन दिए गए, कितने अकाउंट्स खुले, ब्रांच की कैश पोज़ीशन क्या है
- डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन — लोन एप्लिकेशंस, KYC डॉक्यूमेंट्स, एड्रेस प्रूफ़्स चेक करना
- रीकंसिलिएशन — बैंक के इंटरनल रिकॉर्ड को RBI और दूसरे बैंक्स से मिले रिकॉर्ड से मैच करना
- पेमेंट प्रक्रियािंग — NEFT, RTGS, और IMPS ट्रांसफ़र्स प्रक्रिया करने में मदद करना
पूजा को यह जॉब कैसे मिली?
"आउटसोर्सिंग एजेंसी ने एक रिटन टेस्ट लिया," पूजा ने बताया। "उसमें बुनियादी मैथ्स, इंग्लिश, कंप्यूटर नॉलेज, और कुछ बैंकिंग टर्म्स थे। मैं पास हो गई, फिर इंटरव्यू हुआ। उन्होंने पूछा कि क्या मैं एक्सेल में काम कर सकती हूँ और क्या मुझे पता है बैलेंस शीट क्या होती है। मैंने हाँ कहा — क्योंकि मैंने एक फ़्री ऑनलाइन कोर्स से थोड़ा सीखा था।"
"शुरू में तनख़्वाह सिर्फ Rs 12,000 पर मंथ थी। पर अब दो साल बाद मुझे Rs 18,000 मिलते हैं। और सबसे अच्छी बात — मुझे अंदर से सीखने को मिलता है कि बैंक कैसे काम करता है।"
कमाई की संभावना
| रोल | मासिक तनख़्वाह |
|---|---|
| डेटा एंट्री ऑपरेटर (कॉन्ट्रैक्ट) | Rs 10,000 — Rs 14,000 |
| बैक-दफ़्तर असिस्टेंट | Rs 12,000 — Rs 18,000 |
| MIS एग्ज़ीक्यूटिव | Rs 15,000 — Rs 22,000 |
| बैक-दफ़्तर सुपरवाइज़र | Rs 20,000 — Rs 28,000 |
लागू कैसे करें
- बैंक रिक्रूटमेंट — पब्लिक सेक्टर बैंक्स (जैसे ग्रामीण बैंक्स, SBI, PNB) कभी-कभी सीधे बैक-दफ़्तर स्टाफ़ रिक्रूट करते हैं
- आउटसोर्सिंग एजेंसीज़ — बहुत से बैंक्स थर्ड-पार्टी कंपनीज़ (जैसे Quess, TeamLease, या लोकल एजेंसीज़) के ज़रिए बैक-दफ़्तर स्टाफ़ हायर करते हैं। एम्प्लॉयमेंट न्इस्तेमालपेपर या ऑनलाइन जॉब पोर्टल्स पर ओपनिंग्स देखो
- वॉक-इन इंटरव्इस्तेमाल — कुछ बैंक्स और एजेंसीज़ डिस्ट्रिक्ट टाउन्स में वॉक-इन ड्राइव्स करती हैं
"मीरा, तुम्हारी अकाउंटिंग नॉलेज से तुम इस जॉब में कमाल करोगी," पूजा ने कहा। "तुम डेबिट्स और क्रेडिट्स समझती हो, रीकंसिलिएशन जानती हो, बैलेंस शीट पढ़ सकती हो। ज़्यादातर बैक-दफ़्तर स्टाफ़ को शुरू में इनमें से कुछ भी नहीं आता।"

करियर पाथ 5: बैंकएश्योरेंस एजेंट
पूजा थोड़ा झुकी। "पर मैं तुम्हें अपनी जॉब की सबसे इंटरेस्टिंग बात बताती हूँ।"
"क्या मतलब?"
"तो बैक-दफ़्तर में एक साल काम करने के बाद, मेरे ब्रांच प्रबंधक ने पूछा कि क्या मैं इंश्योरेंस उत्पाद बेचना चाहती हूँ। बैंक का इंश्योरेंस कंपनीज़ से टाई-अप है — LIC, SBI लाइफ़, ICICI लोम्बार्ड। जब बैंक अपने ग्राहकों को इंश्योरेंस बेचता है, तो उसे बैंकएश्योरेंस कहते हैं।"
बैंकएश्योरेंस क्या है?
बैंकएश्योरेंस वह है जब एक बैंक अपने ग्राहकों को इंश्योरेंस उत्पाद बेचता है। हर पॉलिसी बिकने पर बैंक को कमीशन मिलता है, और जो एजेंट बेचता है उसे भी उस कमीशन में हिस्सा मिलता है।
बैंकएश्योरेंस एजेंट क्या करता है?
- बैंक आने वाले ग्राहकों से बात करता है जो दूसरे काम के लिए आए हैं (जैसे फ़िक्स्ड डिपॉज़िट्स, लोन्स, अकाउंट ओपनिंग)
- इंश्योरेंस उत्पाद समझाता है — लाइफ़ इंश्योरेंस, हेल्थ इंश्योरेंस, मोटर इंश्योरेंस
- ग्राहकों को सही पॉलिसी चुनने में मदद करता है
- एप्लिकेशन फ़ॉर्म्स भरता है और प्रक्रिया करता है
- हर साल रिन्यूअल्स पर फ़ॉलो-अप करता है
पूजा का अनुभव
"शुरू में मुझे डर लगा," पूजा ने माना। "मैं 'सेल्स पर्सन' नहीं हूँ। मैं शाई हूँ। पर फिर मुझे एहसास हुआ — मैं बेच नहीं रही, मदद कर रही हूँ। जब कोई बुज़ुर्ग अंकल बैंक में अपनी रिटायरमेंट की रकम जमा करने आते हैं, और मैं उन्हें समझाती हूँ कि उन्हें हेल्थ इंश्योरेंस पॉलिसी भी लेनी चाहिए — तो मैं असलीी उनकी भलाई कर रही हूँ।"
"पिछले महीने मैंने 8 पॉलिसीज़ बेचीं। मेरा कमीशन था Rs 14,000 — अपनी नियमित तनख़्वाह Rs 18,000 के ऊपर। तो मैंने एक महीने में Rs 32,000 कमाए!"
मीरा की चाय गिरते-गिरते बची। "Rs 32,000? पूजा, यह तो नेगी भैया से भी ज़्यादा है!"
पूजा हँसी। "हर महीना इतना अच्छा नहीं होता। कुछ महीनों में सिर्फ 2-3 पॉलिसीज़ बिकती हैं। पर एवरेज में मैं Rs 22,000 से Rs 28,000 कुल कमाती हूँ।"
कमाई की संभावना
| कम्पोनेंट | राशि |
|---|---|
| बेस तनख़्वाह (बैक-दफ़्तर) | Rs 12,000 — Rs 18,000 |
| इंश्योरेंस कमीशन (हर महीने बदलता है) | Rs 2,000 — Rs 25,000 |
| कुल मासिक आमदनी | Rs 14,000 — Rs 40,000+ |
शुरुआत कैसे करें
- पहले बैंक में जॉब लो (बैक-दफ़्तर या मददर के रूप में भी)
- अंदर आने के बाद अपने ब्रांच प्रबंधक को बैंकएश्योरेंस में इंटरेस्ट बताओ
- बैंक प्रशिक्षण अरेंज करेगा और IRDA लाइसेंस (इंश्योरेंस सेलिंग लाइसेंस) लेने में मदद करेगा
- ब्रांच में आने वाले ग्राहकों को बेचना शुरू करो
"की यह है," पूजा ने कहा, "कि पहले बैंक के अंदर आओ। एक बार अंदर आ गए, तो अवसरज़ खुलती जाती हैं।"
तुलना — सभी पाँच रास्ते एक नज़र में
मीरा ध्यान से पूजा की हर बात सुन रही थी। अब वो पूरी पिक्चर देखना चाहती थी। चलो सभी पाँच करियर पाथ्स की तुलना करते हैं।
| करियर पाथ | न्यूनतम योग्यता | शुरुआती तनख़्वाह | बढ़त की संभावना | काम करने का तरीका |
|---|---|---|---|---|
| GST प्रैक्टिशनर | 10वीं + 5 साल अनुभव या ग्रेजुएट | Rs 15,000/मंथ | Rs 50,000+/मंथ | स्वतंत्र / घर से काम |
| बुककीपर | कोई फ़ॉर्मल ज़रूरत नहीं | Rs 10,000/मंथ | Rs 25,000/मंथ | एम्प्लॉइड या फ़्रीलांस |
| CA दफ़्तर असिस्टेंट | 10वीं पास + बुनियादी हुनर | Rs 8,000/मंथ | Rs 35,000/मंथ | दफ़्तर-बेस्ड |
| बैंक बैक-दफ़्तर | 10वीं/12वीं + कंप्यूटर हुनर | Rs 10,000/मंथ | Rs 28,000/मंथ | बैंक दफ़्तर |
| बैंकएश्योरेंस एजेंट | बैंक जॉब + IRDA लाइसेंस | Rs 14,000/मंथ | Rs 40,000+/मंथ | बैंक + फ़ील्ड विज़िट्स |

वो हुनर जो इन सभी करियर्स में चाहिए
"पूजा, इन सभी करियर्स में सबसे ज़्यादा कौन सी हुनर मायने रखती हैं?" मीरा ने पूछा।
पूजा ने एक पल सोचा। "ऑनेस्टली? तीन चीज़ें।"
हुनर 1: एक्युरेसी (सटीकता)
"बैंकिंग में, अकाउंटिंग में, GST में — एक्युरेसी ही सब कुछ है। अगर तुम बैंक अकाउंट नंबर में एक गलत डिजिट एंटर कर दो, तो किसी का पैसा गलत आदमी के पास चला जाता है। अगर GSTR-3B में गलत फ़िगर फ़ाइल कर दो, तो पेनल्टी लगती है। ध्यान से काम करना और अपने काम को डबल-चेक करना — यही सबसे इम्पॉर्टेंट हुनर है।"
हुनर 2: कंप्यूटर लिटरेसी
"तुम्हें प्रोग्रामर बनने की ज़रूरत नहीं है। पर कंप्यूटर इस्तेमाल करने में आरामदेह होना ज़रूरी है। टाइपिंग स्पीड मायने रखती है। एक्सेल आना मायने रखता है। अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल कर पाना मायने रखता है। मेरे बैंक में सब कुछ कंप्यूटर पर होता है। अगर तुम फ़ास्ट टाइप नहीं कर सकते और सॉफ़्टवेयर नेविगेट नहीं कर सकते, तो दिक्कत होगी।"
हुनर 3: कम्यूनिकेशन
"तुम्हें क्लाइंट्स से बात करनी पड़ती है। CA दफ़्तर में बिज़नेस ओनर्स से बात करते हो। बैंक में ग्राहकों से बात करते हो। तुम्हें चीज़ें सिंपल भाषा में समझानी आनी चाहिए, पोलाइट रहना चाहिए, और फ़ॉलो-अप करना चाहिए। बहुत से लोगों के पास टेक्निकल हुनर हैं पर कम्यूनिकेट अच्छे से नहीं कर पाते। अगर तुम दोनों कर सकते हो, तो तुम सबसे अलग हो।"
मीरा ने सिर हिलाया। उसे याद आया कि शर्मा सर कैसे हमेशा इतने आसानी समझाते थे। वो भी एक हुनर ही थी।
असली लोग, असली कहानियाँ
पूजा और मीरा ने चाय का दूसरा राउंड मँगवाया। पूजा ने अपने जानने वालों की कुछ कहानियाँ सुनाईं।
पिथौरागढ़ के रवि
रवि ने गवर्नमेंट स्कूल से 12वीं पास की। वो हल्द्वानी में एक CA दफ़्तर में Rs 7,000 पर मंथ पर ज्वाइन हुआ। तीन साल तक उसने सब कुछ सीखा — टैली, GST, TDS, ऑडिट असिस्टेंस। 23 साल की उम्र में उसने GST प्रैक्टिशनर के रूप में रजिस्टर कराया। आज, 27 साल की उम्र में, उसके 45 क्लाइंट्स हैं और वो Rs 50,000 पर मंथ से ज़्यादा कमाता है। उसने बस स्टैंड के पास एक छोटी दफ़्तर स्पेस खरीदी है।
अल्मोड़ा की सुनीता
सुनीता एक गृहिणी थीं जिन्होंने एक फ़्री गवर्नमेंट प्रशिक्षण प्रोग्राम से बुककीपिंग सीखी। उन्होंने अपने शहर की तीन छोटी दुकानों — एक किराना स्टोर, एक कपड़े की दुकान, और एक मेडिकल स्टोर — के बुक्स करना शुरू किया। वो हर दुकान से Rs 2,000 पर मंथ चार्ज करती हैं। तीन दुकानों से Rs 6,000 कमाती हैं। बहुत ज़्यादा नहीं है, पर वो यह काम घर से करती हैं, घर भी सँभालती हैं। उनकी प्लान है और क्लाइंट्स जोड़ने की।
रुद्रपुर के दीपक
दीपक ने बैंक में दो साल डेटा एंट्री ऑपरेटर के रूप में काम किया। फिर वो लोन प्रक्रियािंग टीम में चला गया। उसने बैलेंस शीट्स, आमदनी स्टेटमेंट्स, और क्रेडिट एनालिसिस सीखी। अब वो एक प्राइवेट बैंक में लोन दफ़्तरर है, Rs 35,000 पर मंथ कमा रहा है।
"ये असली लोग हैं," पूजा ने कहा। "दिल्ली-मुंबई के नहीं। हमारे पहाड़ों के। हमारे शहरों के।"
आगे पढ़ाई के बारे में क्या?
"पूजा, क्या मुझे ग्रेजुएशन या कोई कोर्स करने के बारे में सोचना चाहिए?" मीरा ने पूछा।
"तुम क्या चाहती हो, उस पर निर्भर करता है। मैं बताती हूँ।"
| लक्ष्य | क्या पढ़ना है | कितना समय | खर्चा |
|---|---|---|---|
| CA बनना है | CA फ़ाउंडेशन (12वीं या ग्रेजुएशन के बाद) | 4-5 साल | Rs 20,000 — Rs 50,000 |
| एलिजिबिलिटी के लिए डिग्री चाहिए | BA / BCom डिस्टेंस एजुकेशन से (IGNOU, उत्तराखंड ओपन यूनिवर्सिटी) | 3 साल | कुल Rs 15,000 — Rs 30,000 |
| जल्दी सर्टिफ़िकेशन चाहिए | NSDC हुनर सर्टिफ़िकेशन या NACIN GST सर्टिफ़िकेशन | 3-6 महीने | Rs 2,000 — Rs 10,000 |
| सॉफ़्टवेयर हुनर चाहिए | किसी लोकल इंस्टिट्यूट से टैली प्राइम कोर्स | 2-3 महीने | Rs 3,000 — Rs 8,000 |
"मेरी सलाह है," पूजा ने कहा, "काम करती रहो और कमाती रहो। पर पार्ट-टाइम पढ़ो। IGNOU से BCom सिर्फ Rs 10,000 पर ईयर है। वीकेंड्स पर पढ़ सकती हो। तीन साल में तुम्हारे पास डिग्री भी होगी और तीन साल का वर्क अनुभव भी। यह कॉम्बिनेशन सोने जैसा है।"
मीरा ने यह अपनी नोटबुक में लिख लिया।
मीरा की समझ
जब चायवाले ने उनके खाली गिलास उठाए, मीरा ने पूजा को नई नज़रों से देखा। दो साल पहले, वे दोनों बागेश्वर की डरी हुई लड़कियाँ थीं जिन्होंने बस 10वीं पास की थी। आज, पूजा बैंक में Rs 25,000 पर मंथ कमा रही थी। मीरा GST रिटर्न्स फ़ाइल कर रही थी और फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स तैयार कर रही थी।
"पूजा, जानती हो मुझे क्या सबसे ज़्यादा हैरान करता है?" मीरा ने कहा।
"क्या?"
"स्कूल में किसी ने कभी हमें इन करियर्स के बारे में नहीं बताया। हमेशा कहते थे — डॉक्टर, इंजीनियर, टीचर, सरकारी नौकरी। किसी ने बुककीपर नहीं कहा। किसी ने GST प्रैक्टिशनर नहीं कहा। किसी ने बैंक बैक-दफ़्तर नहीं कहा। ये असली करियर्स हैं। अच्छे करियर्स हैं। और हम ये कर सकती हैं।"
पूजा ने सिर हिलाया। "दुनिया ऐसी जॉब्स से भरी है जो छोटे शहर की लड़कियों को कोई नहीं बताता। पर वो मौजूद हैं। और वो उन लोगों का इंतज़ार कर रही हैं जिनके पास हुनर हैं।"
दोनों ने गले मिलकर हर शनिवार चाय पर मिलने का वादा किया।

क्विक रीकैप — चैप्टर 27
बुककीपिंग और GST हुनर वाले किसी व्यक्ति के लिए पाँच करियर पाथ्स:
GST प्रैक्टिशनर — कई क्लाइंट्स के लिए रिटर्न्स फ़ाइल करो। 10वीं + 5 साल अनुभव या डिग्री चाहिए। घर से काम कर सकते हो। कमाई Rs 15,000 — Rs 50,000/मंथ।
बुककीपर — फ़ाइनेंशियल रिकॉर्ड बनाए रख करो। कोई डिग्री नहीं चाहिए। एम्प्लॉइड या फ़्रीलांस। कमाई Rs 10,000 — Rs 25,000/मंथ।
CA दफ़्तर असिस्टेंट — डेटा एंट्री, वाउचर पोस्टिंग, रिटर्न फ़ाइलिंग। शुरुआत Rs 8,000/मंथ से, Rs 35,000/मंथ तक पहुँच सकते हो।
बैंक बैक-दफ़्तर — डेटा एंट्री, MIS रिपोर्ट्स, डॉक्यूमेंट वेरिफ़िकेशन। कमाई Rs 10,000 — Rs 28,000/मंथ।
बैंकएश्योरेंस एजेंट — बैंक के ज़रिए इंश्योरेंस बेचो। बेस तनख़्वाह + कमीशन। कमाई Rs 14,000 — Rs 40,000+/मंथ।
ज़रूरी हुनर: एक्युरेसी, कंप्यूटर लिटरेसी, कम्यूनिकेशन।
आगे की पढ़ाई: काम करते हुए डिस्टेंस एजुकेशन से BCom करो। NACIN GST सर्टिफ़िकेशन और टैली प्राइम कोर्स जल्दी और उपयोगी हैं।
अभ्यास अभ्यास — अपने ऑप्शंस एक्सप्लोर करो
अभ्यास 1: सेल्फ़-असेसमेंट
एक कागज़ लो। हर करियर पाथ के लिए 1 से 5 के पैमाने पर अपने आप को रेट करो:
| करियर पाथ | मुझे कितनी दिलचस्पी है? (1-5) | मैं आज कितना तैयार हूँ? (1-5) | मुझे क्या सीखना है? |
|---|---|---|---|
| GST प्रैक्टिशनर | |||
| बुककीपर | |||
| CA दफ़्तर असिस्टेंट | |||
| बैंक बैक-दफ़्तर | |||
| बैंकएश्योरेंस एजेंट |
अभ्यास 2: रिसर्च
GST पोर्टल (www.gst.gov.in) पर जाओ और "GST प्रैक्टिशनर" सेक्शन ढूँढो। एलिजिबिलिटी रिक्वायरमेंट्स और एग्ज़ाम सिलेबस पढ़ो। इस बुक से तीन चीज़ें लिखो जो तुम पहले से जानते हो और एग्ज़ाम में आती हैं।
अभ्यास 3: लोकल सर्वे
अपने शहर में पता करो:
- कितनी CA दफ़्तरेज़ हैं? (लोगों से पूछो या गूगल मैप्स पर सर्च करो)
- कौन-कौन से बैंक्स की ब्रांचेज़ यहाँ हैं?
- क्या कोई आउटसोर्सिंग एजेंसीज़ हैं जो बैंक स्टाफ़ प्रोवाइड करती हैं?
कम से कम तीन जगहें लिखो जहाँ तुम आज जॉब के लिए लागू कर सकते हो।
अभ्यास 4: किसी से बात करो
अगर तुम किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हो जो अकाउंटिंग, बैंकिंग, या CA दफ़्तर में काम करता है — उससे बात करो। उनसे पूछो:
- तुम्हें जॉब कैसे मिली?
- तुम हर दिन क्या करते हो?
- एक नया सीखने वाला को क्या सलाह दोगे?
वो जो कहें लिख लो। असली बातचीत किसी भी बुक से ज़्यादा सिखाती है।
हौसले की बात
एक इम्पॉर्टेंट बात सुनो। हर एक्सपर्ट कभी नया सीखने वाला था। हर CA कभी डरा हुआ स्टूडेंट था। हर बैंक प्रबंधक कभी ट्रेनी था। हर सफल GST प्रैक्टिशनर ने कभी अपना पहला रिटर्न काँपते हाथों से फ़ाइल किया था।
तुमने सबसे मुश्किल काम पहले ही कर लिया है — तुमने बुनियादी्स सीख लिए हैं। तुम डेबिट्स और क्रेडिट्स समझते हो। तुम बैलेंस शीट पढ़ सकते हो। तुम जानते हो GSTR-1 और GSTR-3B क्या हैं। तुम अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल कर सकते हो।
उत्तराखंड के एक छोटे शहर से, तुमने एक ऐसी फ़ाउंडेशन बनाई है जो बड़े शहरों के बहुत से लोगों के पास नहीं है। इस पर गर्व करो। और आगे बढ़ते रहो।
सोमवार की सुबह, मीरा शर्मा सर की दफ़्तर में एक नया सवाल लेकर आती है: "सर, मुझे पता है ये करियर पाथ्स मौजूद हैं। पर मैं असलीी जॉब इंटरव्यू की तैयारी कैसे करूँ? लोगों को कैसे दिखाऊँ कि मुझे क्या आता है?" शर्मा सर मुस्कुराते हैं। "यही," वो कहते हैं, "आज हम बात करेंगे।"