जॉब रेडीनेस — दिखाओ कि तुम क्या जानते हो
सोमवार की सुबह। मीरा ठीक 9:30 बजे दफ़्तर पहुँची। नेगी भैया पहले से अपनी डेस्क पर बैठे तेज़ी से टाइप कर रहे थे — GST फ़ाइलिंग सीज़न था। शर्मा सर 10 बजे हमेशा की तरह अपना स्टील का टिफ़िन और अखबार लेकर आए। कुर्सी पर बैठे और मीरा की तरफ देखा। "तो, मीरा। पूजा ने बताया कि तुम दोनों ने करियर ऑप्शंस पर अच्छी बातचीत की।" मीरा हैरान हुई — "आप पूजा को जानते हैं?" शर्मा सर हँसे। "उसकी ब्रांच का प्रबंधक मेरा क्लाइंट है। छोटा शहर, छोटी दुनिया। अब बैठो। आज का लेसन सबसे इम्पॉर्टेंट है। तुमने महीनों से अकाउंटिंग, GST, ERPLite, TDS, पेरोल सीखा है। यह सारा नॉलेज तुम्हारे दिमाग में है। पर जब तुम जॉब इंटरव्यू के लिए जाओगी, तो दिमाग के अंदर का नॉलेज इनविज़िबल होता है। तुम्हें उसे विज़िबल बनाना होगा। तुम्हें दिखाना होगा कि तुम क्या जानती हो।"

चरण 1: अपने काम का पोर्टफ़ोलियो बनाओ
पोर्टफ़ोलियो क्या होता है?
पोर्टफ़ोलियो तुम्हारे काम के सैम्पल्स का एक कलेक्शन होता है जो तुम्हारी हुनर प्रूव करता है। एक पेंटर पेंटिंग्स दिखाता है। एक दर्ज़ी सिले हुए कपड़े दिखाता है। एक अकाउंटेंट वो फ़ाइनेंशियल रिकॉर्ड दिखाता है जो उसने तैयार किए हैं।
"मीरा, पिछले कुछ महीनों में तुमने सैकड़ों वाउचर्स बनाए, कई ट्रायल बैलेंसेस, पूरे फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स, और दर्जनों GST रिटर्न्स। यही तुम्हारा पोर्टफ़ोलियो है," शर्मा सर ने कहा।
पोर्टफ़ोलियो में क्या रखना है
शर्मा सर ने मीरा की एक लिस्ट बनाने में मदद की। यहाँ वो चीज़ें हैं जो तुम्हें कलेक्ट करनी चाहिए:
| चीज़ | यह क्या दिखाती है | कैसे तैयार करें |
|---|---|---|
| सैम्पल वाउचर्स (5-6 तरह के) | तुम्हें अलग-अलग तरह के ट्रांज़ैक्शंस दर्ज करना आता है | तुमने जो वाउचर्स बनाए हैं उनके स्क्रीनशॉट्स या फ़ोटोकॉपीज़ लो — रिसीप्ट, पेमेंट, जर्नल, कॉन्ट्रा, सेल्स, परचेज़ |
| ट्रायल बैलेंस | तुम अकाउंट्स कम्पाइल और वेरिफ़ाई कर सकते हो | तुमने जो ट्रायल बैलेंस तैयार किया है उसका एक प्रिंट लो। कुल्स मैच होने चाहिए। |
| मुनाफ़ा एंड घाटा स्टेटमेंट | तुम कम्प्लीट आमदनी स्टेटमेंट बना सकते हो | एक P&L स्टेटमेंट प्रिंट करो — रियल या अभ्यास सेट ऑफ़ बुक्स से |
| बैलेंस शीट | तुम एसेट्स, लायबिलिटीज़, और इक्विटी समझते हो | एक बैलेंस शीट प्रिंट करो — फ़ॉर्मेट शेड्यूल III के अनुसार होना चाहिए |
| GSTR-1 समरी | तुम सेल्स रिटर्न फ़ाइल कर सकते हो | फ़ाइल्ड GSTR-1 का स्क्रीनशॉट लो (प्राइवेसी के लिए क्लाइंट का GSTIN और नाम हटा दो) |
| GSTR-3B समरी | तुम मंथली समरी रिटर्न फ़ाइल कर सकते हो | फ़ाइल्ड GSTR-3B का स्क्रीनशॉट लो (वही प्राइवेसी नियम) |
| बैंक रीकंसिलिएशन | तुम बुक्स को बैंक स्टेटमेंट से मैच कर सकते हो | तुमने जो रीकंसिलिएशन स्टेटमेंट बनाया है उसका एक प्रिंट लो |
| ERPLite स्क्रीनशॉट्स | तुम अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल कर सकते हो | ERPLite में अपने काम के स्क्रीनशॉट्स लो — वाउचर एंट्री स्क्रीन, रिपोर्ट स्क्रीन, लेजर व्यू |
"पर सर," मीरा ने कहा, "इसमें कुछ कॉन्फ़िडेंशियल क्लाइंट डेटा है। मैं दूसरे लोगों के बिज़नेस के नंबर्स नहीं दिखा सकती।"
शर्मा सर ने सराहना से सिर हिलाया। "अच्छी सोच है। इसके दो तरीके हैं।"
कॉन्फ़िडेंशियलिटी कैसे सँभालें
विकल्प 1: अभ्यास डेटा इस्तेमाल करो — एक काल्पनिक बिज़नेस के लिए बुक्स बनाओ। उसे "मीरा जनरल स्टोर" या "अभ्यास कंपनी लि." कहो। ट्रांज़ैक्शंस एंटर करो, स्टेटमेंट्स बनाओ, अभ्यास रिटर्न्स फ़ाइल करो। इससे तुम्हारी हुनर दिखती हैं बिना किसी का प्राइवेट डेटा रिवील किए।
विकल्प 2: रियल वर्क रिडैक्ट करो — अगर तुम कोई रियल GSTR-1 या रियल बैलेंस शीट दिखाना चाहती हो, तो क्लाइंट का नाम, GSTIN, PAN, और कोई भी आइडेंटिफ़ाइंग ब्योरा ब्लैंक कर दो या ढक दो। फ़ॉर्मेट और अपना काम दिखाओ, क्लाइंट का डेटा नहीं।
पोर्टफ़ोलियो कैसे व्यवस्थित करें
एक आसान प्लास्टिक फ़ोल्डर लो जिसमें साफ़ स्लीव्स हों — जो किसी भी स्टेशनरी शॉप पर Rs 50-80 में मिल जाता है। इसे इस तरह व्यवस्थित करो:
- कवर पेज — तुम्हारा नाम, फ़ोन नंबर, ईमेल
- टेबल ऑफ़ कंटेंट्स — अंदर क्या-क्या है उसकी लिस्ट
- वाउचर सैम्पल्स — हर टाइप का एक
- फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स — ट्रायल बैलेंस, P&L, बैलेंस शीट
- GST रिटर्न सैम्पल्स — GSTR-1 और GSTR-3B स्क्रीनशॉट्स
- बैंक रीकंसिलिएशन
- ERPLite स्क्रीनशॉट्स
- कोई भी सर्टिफ़िकेट्स — कंप्यूटर कोर्स, अकाउंटिंग कोर्स, NACIN सर्टिफ़िकेशन
"जब तुम इंटरव्यू में इस फ़ोल्डर के साथ जाओगी," शर्मा सर ने कहा, "तुम पहले से 90% कैंडिडेट्स से आगे हो। ज़्यादातर लोग बस एक रिज़्यूमे लेकर आते हैं और कहते हैं 'मुझे अकाउंटिंग आती है।' तुम प्रूफ़ लेकर आती हो।"

चरण 2: अपना रिज़्यूमे / CV बनाओ
रिज़्यूमे क्या होता है?
रिज़्यूमे (जिसे CV — करिकुलम विटाई भी कहते हैं) एक या दो पेज का डॉक्यूमेंट होता है जो समराइज़ करता है कि तुम कौन हो, तुम्हें क्या आता है, और तुमने क्या किया है। यह पहली चीज़ है जो कोई भी एम्प्लॉयर देखता है।
"चलो मैं तुम्हें अच्छा रिज़्यूमे बनाना सिखाता हूँ," शर्मा सर ने कहा। उन्होंने कंप्यूटर पर एक ब्लैंक डॉक्यूमेंट खोला।
क्या-क्या शामिल करना है
यहाँ फ़ॉर्मेट है, सेक्शन बाय सेक्शन:
मीरा जोशी
फ़ोन: 98XX-XXXXXX | ईमेल: [email protected] | हल्द्वानी, उत्तराखंड
OBJECTIVE (उद्देश्य)
एक बुककीपर या अकाउंटिंग असिस्टेंट की पोज़िशन चाहती हूँ जहाँ मैं डबल-एंट्री अकाउंटिंग, GST रिटर्न फ़ाइलिंग, और अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर में अपनी हुनर का उपयोग करके व्यवस्थितेशन की सफलता में योगदान दे सकूँ।
SKILLS (कौशल)
- डबल-एंट्री बुककीपिंग (जर्नल, लेजर, ट्रायल बैलेंस, फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स)
- GST कम्प्लायंस (GSTR-1, GSTR-3B, ITC रीकंसिलिएशन, ई-वे बिल्स)
- अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर: Udyamo ERPLite
- TDS बुनियादी्स (डिडक्शन, चालान पेमेंट, रिटर्न फ़ाइलिंग)
- पेरोल प्रक्रियािंग (तनख़्वाह कम्प्यूटेशन, PF, ESIC, पेशेवर टैक्स)
- बैंक रीकंसिलिएशन
- MS Excel (डेटा एंट्री, फ़ॉर्मूलाज़, बुनियादी चार्ट्स)
- हिन्दी और इंग्लिश (बोलना, पढ़ना, लिखना)
WORK EXPERIENCE (कार्य अनुभव)
ट्रेनी अकाउंटेंट — V.K. Sharma & Associates, Chartered Accountants, हल्द्वानी (मंथ ईयर — प्रेज़ेंट)
- 10+ क्लाइंट्स के डेली ट्रांज़ैक्शंस दर्ज करना और वाउचर्स बनाना
- लेजर्स बनाए रख करना और मंथली ट्रायल बैलेंसेस तैयार करना
- Rs 1 करोड़ तक के एनुअल टर्नओवर वाले क्लाइंट्स के लिए GSTR-1 और GSTR-3B रिटर्न्स फ़ाइल करना
- एनुअल फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स और GSTR-9 तैयार करने में असिस्ट करना
- बैंक रीकंसिलिएशन और पेमेंट ट्रैकिंग सँभालना
- सभी बुककीपिंग टास्क्स के लिए Udyamo ERPLite इस्तेमाल करना
EDUCATION (शिक्षा)
- 10वीं पास — Government Inter College, बागेश्वर, उत्तराखंड (ईयर)
ADDITIONAL LEARNING (अतिरिक्त शिक्षा)
- बुककीपिंग और GST — CA V.K. Sharma के अंडर प्रशिक्षण (6 महीने)
- बुनियादी कंप्यूटर कोर्स — (इंस्टिट्यूट का नाम, अगर एप्लीकेबल हो)
REFERENCES
माँगने पर उपलब्ध।
रिज़्यूमे में क्या नहीं रखना
शर्मा सर इस बारे में बहुत साफ़ थे:
| यह मत लिखो | क्यों |
|---|---|
| पिता का नाम, माता का नाम, जाति, धर्म | रिलेवेंट नहीं है। एम्प्लॉयर्स को नहीं पूछना चाहिए। तुम्हें नहीं बताना चाहिए। |
| PIN कोड के साथ पूरा पोस्टल पता | शहर और राज्य काफी है। पूरा पता प्राइवेसी जोखिम है। |
| जन्मतिथि | इस चरण पर ज़रूरी नहीं। सिर्फ फ़ॉर्म में पूछें तो बताओ। |
| फ़ोटो (जब तक ख़ासली माँगी न जाए) | इससे बायस हो सकता है। तभी लगाओ जब जॉब पोस्टिंग में माँगी गई हो। |
| हॉबीज़ जैसे "पढ़ना, गाने सुनना, क्रिकेट देखना" | भारत में हर रिज़्यूमे यही कहता है। ज़ीरो वैल्यू ऐड होती है। |
| झूठे दावे | कभी ऐसी हुनर का दावा मत करो जो तुम्हें नहीं आतीं। इंटरव्यू में पकड़े जाओगे। |
| लंबे पैराग्राफ़्स | बुलेट पॉइंट्स इस्तेमाल करो। छोटी लाइन्स। आसानी से स्कैन हो सके। |
| स्पेलिंग ग़लतियाँ और खराब फ़ॉर्मेटिंग | तीन बार प्रूफ़रीड करो। किसी और से चेक करवाओ। एक अकाउंटेंट को ब्योरा-ओरिएंटेड होना चाहिए — तुम्हारा रिज़्यूमे इसका पहला प्रूफ़ है। |
"याद रखो," शर्मा सर ने कहा, "तुम्हारा रिज़्यूमे एक पेज का होना चाहिए। मैक्सिमम दो पेजेज़ अगर बहुत ज़्यादा अनुभव हो। शुरुआत कर रहे हो तो, मीरा, एक पेज बिल्कुल सही है।"
एक स्ट्रॉंग रिज़्यूमे के लिए टिप्स
- एक्शन वर्ड्स इस्तेमाल करो — "ट्रायल बैलेंसेस तैयार किए" न कि "ट्रायल बैलेंस के काम में इनवॉल्व्ड थी"
- नंबर्स इस्तेमाल करो — "10+ क्लाइंट्स के GST रिटर्न्स फ़ाइल किए" बेहतर है बनिस्बत "क्लाइंट्स के GST रिटर्न्स फ़ाइल किए"
- हुनर पहले, एजुकेशन बाद में — जब डिग्री नहीं है, तो जो तुम कर सकते हो उसे आगे रखो
- जॉब पोस्टिंग से मैच करो — अगर जॉब में "GST नॉलेज" माँगी है, तो रिज़्यूमे में "GST" प्रॉमिनेंटली दिखना चाहिए
- PDF में सेव करो — ईमेल करते समय हमेशा रिज़्यूमे PDF में भेजो। हर कंप्यूटर पर सेम दिखता है। वर्ड फ़ाइल किसी और की मशीन पर अलग दिख सकती है।
चरण 3: इंटरव्यू की तैयारी करो
नेगी भैया ने अपनी कुर्सी खींची। "मीरा, इसमें मैं मदद करता हूँ। मैं खुद कुछ इंटरव्इस्तेमाल दे चुका हूँ।"
"वो क्या पूछते हैं?" मीरा ने घबराकर पूछा।
"चिंता मत करो। हमारे लेवल की अकाउंटिंग जॉब्स के लिए सवाल काफी अनुमान लगाने योग्य होते हैं। मैं तुम्हें सबसे आम सवाल बताता हूँ।"
आम इंटरव्यू क्वेश्चंस और उनके जवाब कैसे दें
क्वेश्चन 1: "अपने बारे में बताइए।"
यह सबसे आम ओपनिंग क्वेश्चन है। अपनी पूरी लाइफ़ स्टोरी मत सुनाओ। 4-5 सेंटेंसेज़ में रखो।
सैम्पल आंसर: "मेरा नाम मीरा जोशी है। मैं बागेश्वर, उत्तराखंड से हूँ। पिछले छह महीनों से मैं हल्द्वानी में एक CA फ़र्म में ट्रेनी अकाउंटेंट के रूप में काम कर रही हूँ। मैं बुककीपिंग, GST रिटर्न फ़ाइलिंग सँभालती हूँ, और ERPLite नाम के अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर पर काम करती हूँ। मैं एक फ़ुल-टाइम अकाउंटिंग रोल ढूँढ रही हूँ जहाँ मैं इन हुनर को इस्तेमाल कर सकूँ और आगे बढ़ सकूँ।"
क्वेश्चन 2: "डबल-एंट्री बुककीपिंग क्या है?"
सैम्पल आंसर: "डबल-एंट्री का मतलब है कि हर ट्रांज़ैक्शन दो अकाउंट्स में रिकॉर्ड होता है — एक डेबिट होता है और एक क्रेडिट। सभी डेबिट्स का कुल हमेशा सभी क्रेडिट्स के कुल के बराबर होना चाहिए। इसी तरह हम त्रुटियाँ पकड़ते हैं और बुक्स बैलेंस्ड रखते हैं।"
क्वेश्चन 3: "डेबिट और क्रेडिट में क्या फर्क है?"
सैम्पल आंसर: "डेबिट अकाउंट का लेफ़्ट साइड होता है। क्रेडिट राइट साइड। जब कोई एसेट बढ़ता है, तो हम डेबिट करते हैं। जब कोई लायबिलिटी बढ़ती है, तो क्रेडिट करते हैं। ख़र्चे के लिए डेबिट। आमदनी के लिए क्रेडिट।"
क्वेश्चन 4: "आपने कौन से GST रिटर्न्स फ़ाइल किए हैं?"
सैम्पल आंसर: "मैंने GSTR-1 फ़ाइल किया है, जो आउटवर्ड सप्लाइज़ — सेल्स इनवॉइसेज़, B2B और B2C — की मंथली या क्वार्टरली रिटर्न है। और GSTR-3B, जो मंथली समरी रिटर्न है जिसमें कुल टैक्स लायबिलिटी, ITC क्लेम्ड, और नेट टैक्स पेएबल दिखता है। मैंने GSTR-9, एनुअल रिटर्न, तैयार करने में भी असिस्ट किया है।"
क्वेश्चन 5: "इनपुट टैक्स क्रेडिट क्या है?"
सैम्पल आंसर: "ITC वो GST है जो तुमने अपनी परचेज़ेज़ पर चुकाया, जिसे तुम अपनी सेल्स पर कलेक्ट किए GST में से घटा सकते हो। तो तुम सिर्फ फर्क सरकार को देते हो। जैसे, अगर तुमने सेल्स पर Rs 1,800 GST कलेक्ट किया और परचेज़ेज़ पर Rs 1,200 GST चुकाया, तो तुम सरकार को सिर्फ Rs 600 देते हो।"
क्वेश्चन 6: "आपने कौन सा अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल किया है?"
सैम्पल आंसर: "मैंने अपने सभी बुककीपिंग टास्क्स के लिए Udyamo ERPLite इस्तेमाल किया है — मास्टर्स क्रिएट करना, वाउचर्स एंटर करना, ट्रायल बैलेंस, P&L, और बैलेंस शीट जैसी रिपोर्ट्स जेनरेट करना। मैं सॉफ़्टवेयर में पूरे सेल्स साइकल और परचेज़ साइकल से फ़ैमिलियर हूँ। और मैं Tally Prime या कोई भी सॉफ़्टवेयर सीखने के लिए तैयार हूँ जो आपकी दफ़्तर में इस्तेमाल होता हो।"
क्वेश्चन 7: "क्या आप ट्रायल बैलेंस बना सकती हैं?"
सैम्पल आंसर: "हाँ। ट्रायल बैलेंस सभी लेजर अकाउंट्स की लिस्ट है जिसमें उनके डेबिट या क्रेडिट बैलेंसेस होते हैं। डेबिट कॉलम का कुल क्रेडिट कॉलम के कुल के बराबर होना चाहिए। अगर मैच नहीं करते, तो इसका मतलब बुक्स में कहीं त्रुटि है जिसे ढूँढकर ठीक करना होगा।"
क्वेश्चन 8: "हम आपको क्यों हायर करें?"
सैम्पल आंसर: "मेरे पास बुककीपिंग और GST फ़ाइलिंग का व्यावहारिक अनुभव है। मैंने CA दफ़्तर में रियल क्लाइंट्स के साथ काम किया है। मैं नंबर्स के साथ केयरफ़ुल हूँ, अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल कर सकती हूँ, और सीखने की भूख है। मेरे पास वर्क सैम्पल्स का एक पोर्टफ़ोलियो भी है जो मैं आपको दिखा सकती हूँ।"
फिर अपना फ़ोल्डर खोलो और उन्हें दिखाओ।
नेगी भैया के इंटरव्यू टिप्स
"कुछ जनरल सलाह," नेगी भैया ने कहा:
- सादे और साफ कपड़े पहनो — साफ कपड़े, बाल सँवारे हुए, पॉलिश किए जूते। महँगे कपड़ों की ज़रूरत नहीं। साफ कपड़ों की ज़रूरत है।
- 15 मिनट्स पहले पहुँचो — इंटरव्यू के लिए कभी लेट मत जाओ। अगर दफ़्तर दूर है, तो एक दिन पहले जाकर रास्ता चेक कर लो।
- पोर्टफ़ोलियो फ़ोल्डर, रिज़्यूमे, और ओरिजिनल डॉक्यूमेंट्स ले जाओ — 10वीं की मार्कशीट, Aadhaar कार्ड, कोई भी सर्टिफ़िकेट्स। फ़ोटोकॉपीज़ भी रखो।
- साफ और ईमानदारी से बोलो — अगर किसी सवाल का जवाब नहीं आता, तो कहो "मुझे नहीं पता, पर मैं सीखने को तैयार हूँ।" यह कुछ बना लेने से बहुत बेहतर है।
- सवाल भी पूछो — अंत में जब वो कहें "कोई सवाल है?" — तो कुछ पूछो। जैसे: "दफ़्तर में कौन सा सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल होता है?" या "मैं कितने क्लाइंट्स के साथ काम करूँगी?" या "क्या नई चीज़ें सीखने का मौका मिलेगा?" यह दिखाता है कि तुम गंभीर और इंटरेस्टेड हो।

चरण 4: अपनी ERP हुनर का डेमो दो
"एक टिप जो तुम्हें सबसे अलग बनाएगी," शर्मा सर ने कहा। "जब इंटरव्यू में जाओ, लाइव डेमो देने की पेशकश करो।"
लाइव डेमो क्या है?
सिर्फ यह कहने के बजाय "मुझे ERPLite आता है," दिखाने की पेशकश करो। अगर उनके पास कंप्यूटर अवेलेबल है, तो पूछो कि क्या तुम सॉफ़्टवेयर ओपन करके डेमोंस्ट्रेट कर सकती हो:
- चार्ट ऑफ़ अकाउंट्स में एक नया अकाउंट बनाना
- एक सेल्स वाउचर एंटर करना
- एक पेमेंट रिसीप्ट पोस्ट करना
- ट्रायल बैलेंस या P&L रिपोर्ट जेनरेट करना
"ज़्यादातर कैंडिडेट्स सिर्फ बात करते हैं," शर्मा सर ने कहा। "जब तुम बैठकर उनके सामने असलीी काम करती हो — उनके जबड़े गिर जाते हैं। मैंने लोगों को इसी वजह से ऑन द स्पॉट हायर किया है।"
अगर वो अलग सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल करते हों?
"सर, अगर वो ERPLite की जगह Tally Prime इस्तेमाल करते हों?" मीरा ने पूछा।
"अच्छा सवाल। कॉन्सेप्ट्स सेम हैं। ERPLite में वाउचर है तो Tally में भी वाउचर है। लेजर तो लेजर ही है। स्क्रीन्स अलग दिखती हैं, पर लॉजिक आइडेंटिकल है। अगर तुम एक अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर भरोसे से इस्तेमाल कर सकती हो, तो दूसरा एक हफ्ते में सीख सकती हो।"
"इंटरव्यू में कहो: 'मेरा ERPLite का अनुभव है। मैं एक ERP सिस्टम में पूरी अकाउंटिंग वर्कफ़्लो समझती हूँ। मुझे पूरा विश्वास है कि मैं आपका सॉफ़्टवेयर जल्दी सीख सकती हूँ क्योंकि अकाउंटिंग लॉजिक सेम है।'"
चरण 5: सीखते रहो — आगे क्या पढ़ना है
शर्मा सर मीरा के साथ बैठे और अगले साल का लर्निंग प्लान बनाया।
1. Tally Prime
Tally भारत में सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर है। लगभग हर CA दफ़्तर, छोटा बिज़नेस, और ट्रेडिंग कंपनी इसे इस्तेमाल करती है। Tally Prime सीखना तुम्हारा अगला कदम होना चाहिए।
कैसे सीखें:
- किसी लोकल Tally कोचिंग इंस्टिट्यूट ज्वाइन करो (2-3 महीने का कोर्स, Rs 3,000 — Rs 8,000)
- या YouTube पर फ़्री सीखो — सर्च करो "Tally Prime फ़ुल कोर्स इन हिंदी"
- Tally Prime के फ़्री ट्रायल वर्ज़न पर अभ्यास करो
क्या सीखोगे:
- कंपनी क्रिएशन और लेजर सेटअप
- वाउचर एंट्री (सेम कॉन्सेप्ट्स जो तुम पहले से जानते हो, अलग स्क्रीन)
- Tally में GST सेटअप और रिटर्न प्रेपरेशन
- इन्वेंटरी प्रबंधन
- Tally में पेरोल
"चूँकि तुम अकाउंटिंग कॉन्सेप्ट्स पहले से समझती हो," शर्मा सर ने कहा, "Tally सीखना तुम्हारे लिए बहुत फ़ास्ट होगा। ज़्यादातर Tally कोर्सेज़ पहला महीना अकाउंटिंग बुनियादी्स सिखाने में लगाते हैं — वो सब तुम्हें पहले से आता है।"
2. एडवांस्ड Excel
Excel हर जगह इस्तेमाल होता है — सिर्फ अकाउंटिंग में नहीं बल्कि बैंकिंग, इंश्योरेंस, गवर्नमेंट दफ़्तरेज़, और हर कॉर्पोरेट जॉब में। बुनियादी्स (डेटा टाइप करना, आसान फ़ॉर्मूलाज़) काफी नहीं हैं। तुम्हें इंटरमीडिएट-लेवल Excel हुनर चाहिए।
क्या सीखना है:
| Excel हुनर | क्यों ज़रूरी है |
|---|---|
| VLOOKUP / XLOOKUP | एक टेबल से दूसरी टेबल में वैल्इस्तेमाल ढूँढना — डेटा मैचिंग के लिए ज़रूरी |
| पिवट टेबल्स | हज़ारों रोज़ का डेटा सेकंड्स में समराइज़ करना — MIS रिपोर्टिंग में इस्तेमाल होता है |
| IF, SUMIF, COUNTIF | कंडीशनल फ़ॉर्मूलाज़ — सिर्फ तभी गणना करो जब सर्टेन कंडीशंस पूरी हों |
| डेटा वैलिडेशन | ड्रॉपडाउन लिस्ट्स और नियम बनाओ ताकि डेटा एंट्री त्रुटि-फ़्री हो |
| कंडीशनल फ़ॉर्मेटिंग | सेल्स को अपने-आप हाइलाइट करो — जैसे ओवरड्यू पेमेंट्स लाल दिखाओ |
| बुनियादी चार्ट्स | नंबर्स को बार चार्ट्स और पाई चार्ट्स में बदलो रिपोर्ट्स के लिए |
कैसे सीखें:
- फ़्री YouTube कोर्सेज़: सर्च करो "Excel फ़ॉर अकाउंटिंग हिंदी"
- रोज़ अभ्यास करो — एक महीना रोज़ 30 मिनट्स भी काफी है
3. आमदनी टैक्स बुनियादी्स
GST एक टाइप का टैक्स है। आमदनी टैक्स दूसरा मेजर टैक्स है। अगर तुम लंबे समय तक CA दफ़्तर में काम करना चाहते हो या इंनिर्भर टैक्स प्रैक्टिशनर बनना है, तो आमदनी टैक्स समझना ज़रूरी है।
क्या सीखना है:
- आमदनी टैक्स क्या है और किसे पे करना होता है
- आय के पाँच हेड्स (तनख़्वाह, हाउस संपत्ति, बिज़नेस, कैपिटल गेन्स, अदर सोर्सेज़)
- ITR फ़ाइलिंग — आमदनी टैक्स रिटर्न कैसे फ़ाइल करें
- TDS रिटर्न्स — बुनियादी्स तो इस बुक से पहले से जानते हो
- बुनियादी टैक्स योजना — सेक्शन 80C, 80D, आदि से टैक्स कैसे बचाएँ
कैसे सीखें:
- आमदनी टैक्स डिपार्टमेंट का फ़्री ई-लर्निंग पोर्टल है: www.incometax.gov.in
- CA कोचिंग इंस्टिट्यूट्स शॉर्ट-टर्म ITR फ़ाइलिंग कोर्सेज़ पेशकश करते हैं
- करके सीखो — पहले अपने फ़ैमिली मेंबर्स का ITR फ़ाइल करो
4. कंपनी अकाउंट्स
अगर तुम किसी बड़ी कंपनी में काम करना चाहते हो (सिर्फ छोटी दुकानों और ट्रेडर्स में नहीं), तो कुछ एडीशनल कॉन्सेप्ट्स समझने होंगे।
क्या सीखना है:
- शेयर कैपिटल और शेयर्स के टाइप्स
- Companies Act के शेड्यूल III के अनुसार कंपनी फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स
- ऑडिट बुनियादी्स — स्टैचुटरी ऑडिट में क्या होता है
- MCA (Ministry of Corporate Affairs) कम्प्लायंस — एनुअल फ़ाइलिंग्स
यह ज़्यादा एडवांस्ड है और 1-2 साल का अनुभव होने तक वेट कर सकता है।
5. ऑनलाइन सर्टिफ़िकेशंस
| सर्टिफ़िकेशन | किसके द्वारा | खर्चा | अवधि |
|---|---|---|---|
| GST प्रैक्टिशनर सर्टिफ़िकेशन | NACIN (गवर्नमेंट बॉडी) | सिर्फ एग्ज़ाम फ़ी | सेल्फ़-स्टडी + एग्ज़ाम |
| अकाउंटिंग एंड बुककीपिंग | NSDC (National Skill Development Corporation) | फ़्री या नॉमिनल | 2-3 महीने |
| Tally विद GST | Tally Education | Rs 5,000 — Rs 10,000 | 2-3 महीने |
| एडवांस्ड Excel | कई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म्स (Coursera, Udemy) | फ़्री से Rs 500 | सेल्फ़-पेस्ड |
6. LinkedIn प्रोफ़ाइल
"मीरा, तुम्हारा LinkedIn प्रोफ़ाइल है?" शर्मा सर ने पूछा।
"LinkedIn क्या है?"
"यह Facebook जैसा है, पर पेशेवर्स के लिए। कंपनीज़ वहाँ जॉब्स पोस्ट करती हैं। रिक्रूटर्स वहाँ कैंडिडेट्स ढूँढते हैं। तुम्हें एक प्रोफ़ाइल बनाना चाहिए।"
LinkedIn कैसे सेट अप करें:
- www.linkedin.com पर जाओ और फ़्री अकाउंट बनाओ
- एक पेशेवर फ़ोटो लगाओ (आसान बैकग्राउंड, साफ-सुथरी अपीयरेंस, कैमरे की तरफ फ़ेस)
- हेडलाइन लिखो: "अकाउंटिंग ट्रेनी | बुककीपिंग | GST | ERPLite"
- एक छोटा समरी लिखो: अपनी हुनर और अनुभव के बारे में 3-4 सेंटेंसेज़
- वर्क अनुभव ऐड करो (रिज़्यूमे जैसा ही)
- हुनर ऐड करो — बुककीपिंग, GST, डबल-एंट्री अकाउंटिंग, ERPLite
- जिन्हें जानती हो उनसे कनेक्ट करो — शर्मा सर, नेगी भैया, पूजा, क्लासमेट्स
- हल्द्वानी, देहरादून, और जिन शहरों में काम करना चाहो वहाँ की कंपनीज़ और CA फ़र्म्स पालन करो
"उत्तराखंड में अब बहुत से रिक्रूटर्स LinkedIn पर अकाउंटिंग स्टाफ़ ढूँढते हैं," नेगी भैया ने कहा। "मुझे पिछले महीने देहरादून की एक फ़र्म से जॉब पेशकश आया सिर्फ इसलिए कि उन्होंने मेरी प्रोफ़ाइल वहाँ देखी।"

चरण 6: मीरा का लर्निंग रोडमैप
शर्मा सर ने व्हाइटबोर्ड पर एक टाइमलाइन बनाई।
| समय अवधि | क्या करना है |
|---|---|
| अभी — 3 महीने | शर्मा सर की दफ़्तर में जारी रखो। Tally Prime सीखना शुरू करो (ईवनिंग क्लासेज़ या YouTube)। पोर्टफ़ोलियो बनाओ। |
| 3 — 6 महीने | एडवांस्ड Excel सीखो। शर्मा सर की गाइडेंस में आमदनी टैक्स रिटर्न्स फ़ाइल करना शुरू करो। LinkedIn प्रोफ़ाइल बनाओ। |
| 6 — 12 महीने | IGNOU से BCom (डिस्टेंस एजुकेशन) में एनरोल करो। NACIN GST सर्टिफ़िकेशन एग्ज़ाम दो। क्लाइंट्स इंनिर्भरली सँभालना शुरू करो। |
| साल 2 | या तो CA दफ़्तर में हायर तनख़्वाह पर कंटिन्यू करो, या बुककीपर/GSTP के रूप में फ़्रीलांसिंग शुरू करो। BCom जारी रखो। |
| साल 3 | BCom कम्प्लीट करो। GST प्रैक्टिशनर के रूप में रजिस्टर करो (अगर एलिजिबल हो)। तय करो कि CA/CMA करना है या अपनी अभ्यास बनानी है। |
"यह कोई फ़िक्स्ड प्लान नहीं है," शर्मा सर ने कहा। "ज़िंदगी तुम पर ऑपर्च्यूनिटीज़ और चुनौतियाँ दोनों फेंकेगी। पर अगर डायरेक्शन है, तो भटकोगी नहीं।"
फ़ोन कॉल
गुरुवार की दोपहर थी। मीरा बिष्ट ट्रेडर्स के वाउचर्स पोस्ट कर रही थी, तभी उसका फ़ोन बज़ हुआ। अननोन नंबर। उसने लगभग फ़ोन नहीं उठाया।
"हैलो?"
"हैलो, क्या यह मीरा जोशी हैं?"
"जी, मैं बोल रही हूँ।"
"मैं राजेश पांडे बोल रहा हूँ, Pandey & Associates, Chartered Accountants, हल्द्वानी से। हमने आपका रिज़्यूमे देखा — शर्मा जी ने हमें भेजा था। हमारे यहाँ जूनियर अकाउंटेंट की ओपनिंग है। क्या आप इस शनिवार 11 बजे इंटरव्यू के लिए आ सकती हैं?"
मीरा का दिल ज़ोर से धड़कने लगा। उसने शर्मा सर की तरफ देखा। वो अखबार पढ़ने का नाटक कर रहे थे, पर उसे अखबार के पीछे एक हल्की मुस्कान दिख रही थी। उन्होंने बिना बताए उसका रिज़्यूमे भेज दिया था।
"हाँ सर। मैं आऊँगी। धन्यवाद।"
उसने फ़ोन रखा। उसके हाथ हल्के काँप रहे थे।
"सर... आपने मेरा रिज़्यूमे भेजा?"
शर्मा सर ने अखबार मोड़ा। "मीरा, पांडे जी अच्छे आदमी हैं। उनकी दफ़्तर बड़ी है — आठ स्टाफ़ मेंबर्स, सौ से ज़्यादा क्लाइंट्स। उन्हें कोई चाहिए जो GST इंनिर्भरली सँभाल सके। मैंने उन्हें तुम्हारे बारे में बताया।"
"पर सर, मैं अभी सीख रही हूँ—"
"तुम छह महीने से सीख रही हो। तुमने रियल GST रिटर्न्स फ़ाइल किए हैं। तुमने रियल फ़ाइनेंशियल स्टेटमेंट्स बनाए हैं। तुमने ERP सॉफ़्टवेयर इस्तेमाल किया है। तुम उन बहुत से लोगों से ज़्यादा जानती हो जो सालों से यह काम कर रहे हैं। तुम तैयार हो।"
नेगी भैया अपनी कुर्सी पर घूमे। "मीरा! यह ग्रेट न्इस्तेमाल है। इंटरव्यू की चिंता मत करो। जो बात की वो सब याद रखो। पोर्टफ़ोलियो ले जाओ। साफ बोलो। दिखाओ कि तुम क्या जानती हो।"
तैयारी
उस शाम, मीरा बस स्टैंड के पास अपने छोटे किराये के कमरे में बैठी। उसने बिस्तर पर सब कुछ सजा लिया:
- पोर्टफ़ोलियो फ़ोल्डर — साफ-सुथरा व्यवस्थित्ड, वाउचर सैम्पल्स, ट्रायल बैलेंस, P&L स्टेटमेंट, बैलेंस शीट, GST रिटर्न स्क्रीनशॉट्स, और ERPLite स्क्रीनशॉट्स के साथ
- रिज़्यूमे — एक पेज, साफ व्हाइट पेपर पर प्रिंट किया हुआ, फ़ोन में भी PDF सेव है
- सर्टिफ़िकेट्स — 10वीं की मार्कशीट (ओरिजिनल + फ़ोटोकॉपी), कंप्यूटर कोर्स सर्टिफ़िकेट, Aadhaar कार्ड
- एक साफ कुर्ता और पैंट्स — आयरन किए हुए तैयार
- एक पेन और छोटी नोटबुक — इंटरव्यू में कोई इम्पॉर्टेंट बात लिखने के लिए
उसने एक बार फिर अपने जवाब रिहर्स किए:
- "अपने बारे में बताइए" — शीशे के सामने अभ्यास किया, 45 सेकंड्स में टाइम किया
- "डबल-एंट्री क्या है?" — साफ़, आसान समझानाेशन
- "कौन से GST रिटर्न्स फ़ाइल किए?" — GSTR-1, GSTR-3B, GSTR-9 में असिस्टेड
- "हम आपको क्यों हायर करें?" — व्यावहारिक अनुभव, पोर्टफ़ोलियो, सीखने की भूख
उसने पूजा को कॉल किया।
"पूजा, मेरा शनिवार को इंटरव्यू है!"
"मीरा! मुझे तुम पर बहुत गर्व है! तुम बहुत अच्छा करोगी। बस अपने जैसी रहो। और याद रखो — तुम यह सब जानती हो। तुम नाटक नहीं कर रही। तुम असलीी यह काम रोज़ करती हो।"
मीरा मुस्कुराई। पूजा सही कह रही थी।
उसने बागेश्वर में अपने पिता को कॉल किया।
"पापा, मेरा जॉब इंटरव्यू है।"
फ़ोन पर कुछ देर खामोशी रही। फिर पिता की आवाज़ आई, थोड़ी भर्राई हुई: "मीरा... मुझे हमेशा पता था कि तू अच्छा करेगी। तेरी माँ को बहुत गर्व होता।"
मीरा ने आँखें पोंछीं, सुबह 6 बजे का अलार्म लगाया, और सो गई।

शनिवार की सुबह
मीरा 10:45 AM पर Pandey & Associates पहुँची। यह शर्मा सर की दफ़्तर से बड़ी थी — एक सही रिसेप्शन इलाक़ा, चार कैबिन्स, और कंप्यूटर्स की एक रो जहाँ जूनियर स्टाफ़ काम कर रहे थे।
इंटरव्यू 30 मिनट्स चला। पांडे सर ने डबल-एंट्री, GST, TDS, और ERPLite के बारे में पूछा। मीरा ने हर सवाल का जवाब शांति से दिया। जब उन्होंने पूछा "क्या आप कोई काम दिखा सकती हैं जो आपने किया है?", तो उसने अपना पोर्टफ़ोलियो फ़ोल्डर खोला।
उन्होंने देखा — वाउचर्स, ट्रायल बैलेंस, बैलेंस शीट, GST रिटर्न स्क्रीनशॉट्स।
"यह सब आपने बनाया?" उन्होंने पूछा।
"जी सर। शर्मा सर की गाइडेंस में।"
पांडे सर ने सिर हिलाया। "एक आखिरी चीज़। क्या आप मुझे दिखा सकती हैं कि अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर में सेल्स वाउचर कैसे एंटर करेंगी?"
उन्होंने एक कंप्यूटर की तरफ इशारा किया जिस पर ERPLite खुला था।
मीरा बैठ गई। उसकी उँगलियों ने कीबोर्ड पाया। उसने सेल्स वाउचर मॉड्यूल खोला, ग्राहक सेलेक्ट किया, आइटम एंटर किया, क्वांटिटी, रेट। GST अपने-आप गणना हो गया। उसने वाउचर सेव किया, फिर पोस्टिंग दिखाने के लिए लेजर खोला।
दो मिनट्स से भी कम लगे।
पांडे सर चुपचाप देखते रहे। फिर मुस्कुराए।
"मीरा, कब से ज्वाइन कर सकती हो?"
क्विक रीकैप — चैप्टर 28
जॉब रेडीनेस कैसे बनाएँ:
पोर्टफ़ोलियो — काम के सैम्पल्स कलेक्ट करो: वाउचर्स, ट्रायल बैलेंस, P&L, बैलेंस शीट, GST रिटर्न्स, ERPLite स्क्रीनशॉट्स। एक फ़ोल्डर में व्यवस्थित करो।
रिज़्यूमे — एक पेज। हुनर पहले, एजुकेशन बाद में। एक्शन वर्ड्स और नंबर्स इस्तेमाल करो। PDF में सेव करो।
इंटरव्यू प्रेप — आम क्वेश्चंस अभ्यास करो। साफ़, आसान जवाब तैयार करो। पोर्टफ़ोलियो ले जाओ।
लाइव डेमो — अपनी ERP हुनर डेमोंस्ट्रेट करने की पेशकश करो। उनके सामने काम करना, इसके बारे में बात करने से ज़्यादा ताक़तवर है।
सीखते रहो — Tally Prime, एडवांस्ड Excel, आमदनी टैक्स बुनियादी्स, ऑनलाइन सर्टिफ़िकेशंस, LinkedIn प्रोफ़ाइल।
सबसे इम्पॉर्टेंट सबक: तुम तैयार हो। तुम्हारे पास रियल हुनर हैं। जाओ और दुनिया को दिखाओ।
अभ्यास अभ्यास — तुम्हारा एक्शन प्लान
अभ्यास 1: पोर्टफ़ोलियो बनाओ
आज से शुरू करो। एक अभ्यास कंपनी बनाओ (नाम और कुछ ट्रांज़ैक्शंस सोच लो)। यह तैयार करो:
- 6 वाउचर्स (हर टाइप का एक)
- कम से कम 15 अकाउंट्स वाला ट्रायल बैलेंस
- एक आसान P&L स्टेटमेंट
- एक आसान बैलेंस शीट
प्रिंट करो। एक फ़ोल्डर में रखो।
अभ्यास 2: रिज़्यूमे लिखो
इस चैप्टर के फ़ॉर्मेट का इस्तेमाल करके अपना रिज़्यूमे लिखो। अपनी असली ब्योरा भरो। अगर वर्क अनुभव नहीं है, तो इन पर ध्यान करो:
- इस बुक से सीखी हुनर
- जो भी अभ्यास अभ्यास पूरे किए हैं
- कंप्यूटर हुनर जो तुम्हें आती हैं
- जो भाषाएँ बोलते हो
किसी दोस्त या फ़ैमिली मेंबर से पढ़वाओ और स्पेलिंग ग़लतियाँ चेक करवाओ।
अभ्यास 3: इंटरव्यू अभ्यास
किसी दोस्त या फ़ैमिली मेंबर को ढूँढो जो तुमसे ये सवाल पूछे:
- अपने बारे में बताइए।
- डबल-एंट्री बुककीपिंग क्या है?
- GST क्या है? कौन से रिटर्न्स पढ़े हैं?
- कौन सा अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर जानते हो?
- हम आपको क्यों हायर करें?
ज़ोर से बोलकर अभ्यास करो। फ़ोन पर दर्ज करो और वापस सुनो। क्या तुम साफ़ हो? आत्मविश्वासी हो? जब तक न हो, अभ्यास करते रहो।
अभ्यास 4: लर्निंग प्लान बनाओ
इस चैप्टर के रोडमैप का इस्तेमाल करके अगले 12 महीनों का अपना प्लान लिखो। क्या सीखोगे? कब सीखोगे? कौन से रिसोर्सेज़ इस्तेमाल करोगे?
| महीना | क्या सीखना है | कैसे सीखना है |
|---|---|---|
| महीना 1-3 | ||
| महीना 4-6 | ||
| महीना 7-9 | ||
| महीना 10-12 |
आखिरी शब्द — शर्मा सर की तरफ से
अपने आखिरी दिन पुरानी दफ़्तर में, Pandey & Associates ज्वाइन करने से पहले, शर्मा सर ने मीरा से नेगी भैया के जाने के बाद रुकने को कहा।
"मीरा, बैठो। मैं तुम्हें कुछ बताना चाहता हूँ।"
वो बैठ गई।
"जब तुम छह महीने पहले इस दफ़्तर में आई थीं, तुम्हें डेबिट नहीं पता था। GST का फ़ुल फ़ॉर्म नहीं पता था। अकाउंटिंग सॉफ़्टवेयर ऑन करना नहीं आता था। तुम डरी हुई थीं और चुप रहती थीं।"
मीरा ने सिर हिलाया। उसे याद था।
"आज, तुम स्क्रैच से एक कम्प्लीट सेट ऑफ़ बुक्स तैयार कर सकती हो। GST रिटर्न्स फ़ाइल कर सकती हो। बैलेंस शीट पढ़कर बता सकती हो कि बिज़नेस हेल्दी है या नहीं। ERP सॉफ़्टवेयर इतने अच्छे से इस्तेमाल कर सकती हो कि सालों से इस फ़ील्ड में काम करने वाले बहुत से लोगों से बेहतर हो।"
वो रुके।
"तुम्हें पता है क्या फर्क पड़ा? टैलेंट नहीं। कोई फ़ैंसी डिग्री नहीं। यह: तुम हर रोज़ आईं। सवाल पूछे। गलतियाँ कीं और उनसे सीखा। अभ्यास करती रहीं जब तक सही नहीं हो गया।"
"बस इतना ही किसी भी करियर में चाहिए। आओ। सवाल पूछो। अभ्यास करो। सीखते रहो।"
उन्होंने अपने ड्रॉअर से एक छोटा रैप्ड बॉक्स निकाला। "एक तोहफा।"
मीरा ने खोला। अंदर एक आसान गणनार था — Casio, ग्रीन डिस्प्ले वाला — वही मॉडल जो शर्मा सर खुद इस्तेमाल करते हैं।
"हर अकाउंटेंट को एक अच्छा गणनार चाहिए," उन्होंने कहा, आँखों में चमक के साथ।
मीरा ने उसे सीने से लगा लिया। "शुक्रिया, सर। सब कुछ के लिए।"
"जाओ," शर्मा सर ने कहा। "जाओ और शानदार काम करो। और जब तुम्हारी अपनी दफ़्तर हो, तो किसी को वैसे ही ट्रेन करो जैसे मैंने तुम्हें किया। इसी तरह यह चेन चलती रहती है।"
मीरा शर्मा सर की दफ़्तर से हल्द्वानी की दोपहर की धूप में बाहर निकली। वही संकरी गली। वही नीचे स्टेशनरी की दुकान। पर वो वही लड़की नहीं थी जो छह महीने पहले उन सीढ़ियों पर चढ़ी थी। उसके पास एक हुनर थी। आत्मविश्वास था। सोमवार को एक जॉब उसका इंतज़ार कर रही थी।
उसने ऊपर छोटे नीले बोर्ड को देखा — V.K. Sharma & Associates, Chartered Accountants — और मुस्कुराई।
फिर वो मुड़ी और बस स्टैंड की तरफ चल पड़ी। बागेश्वर वापस जाने के लिए नहीं। आगे बढ़ने के लिए।
